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जैसा भोजन, वैसा मन; जैसा मन, वैसा विचार; जैसा विचार, वैसा कर्म
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वैदिक परंपरा में ‘आहार’ शब्द का अर्थ केवल वह भोजन नहीं है जो हम मुख…
जब शिवाजी प्रधान सेवक बन गए थे
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छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास के बीच का यह प्रसंग भक्ति, समर्पण और कर्तव्य…
प्रेम उठे तो स्वर्ग, गिरे तो नर्क
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दुनिया भर में वेलेंटाइन वीक की धूम है। रोमांटिक शेर ओ शायरी से सोशल मीडिया…
शबरी जयंती: भक्ति की लोकतांत्रिक आत्मा का उत्सव
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भक्ति की पावन गंगा जब हृदय की कंदराओं से फूटती है तो वह ऊंच-नीच, जाति-कुल…
नागपंचमी और उसके आध्यात्मिक आयाम
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अद्भुत! जीव-जंतुओं में भी ईश्वर का प्रतिरूप और उसकी पूजा! इसका मर्म वे क्या जानेंगे,…
