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Author: Kishore Kumar
Spiritual journalist & Founding Editor of Ushakaal.com
चंडीगढ़ में संकल्प पूर्ति समारोह के तहत भव्य योगोत्सव
चंडीगढ़ स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ योगा एजुकेशन एंड हेल्थ परिसर में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम सफल रहा। यह कार्यक्रम “संकल्प पूर्ति समारोह” के तहत हरियाणा योग आयोग के सहयोग से किया गया था। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। योगाभ्यासियों ने अनुशासन और तालमेल के साथ सूर्य नमस्कार के 6 राउंड किए। इनमें भारतीय सेना के प्रतिनिधि, विभिन्न कॉलेजों के छात्र, और आयुष प्रशिक्षक शामिल थे।इस मौके पर चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष जयदीप आर्य, स्वास्थ्य सचिव अजय चागती, आयुष निदेशक…
अध्यात्म पथ के पथिकों को मिल जाता है मार्ग
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नौ महीने बाद धरती पर सकुशल वापसी के बाद अब आध्यात्मिक कारणों से चर्चा में हैं। हम सब जानते हैं कि सुनीता विलियम्स अपनी भारतीय विरासत से मजबूती से जुड़ी हुई हैं। तभी वह अपने अंतरिक्ष मिशनों के दौरान कभी भगवद्गीता और रामायण साथ लेकर गई तो कभी गणेश भगवान की मूर्ति। उन्होंने अंतरिक्ष में दीपावली तक मनाई थी।चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष यात्रा के दौरान उनके धैर्य, साहस और आत्मविश्वास को उनके आध्यात्मिक रुझानों के संदर्भ में देखा जा रहा है। तो क्या सुनीता विलियम्स को कठिन वक्त में भगवद्गीता से धैर्य (कर्तव्य पर…
आध्यात्मिक शिक्षा से होगा समग्र कल्याण
आध्यात्मिक शिक्षा से मानव का समग्र कल्याण हो सकता है, यह कोई कपोल कल्पना नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक और वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है और सदैव प्रमाणित होता रहा है। इसलिए ब्रह्माकुमारी संगठन का “समग्र कल्याण के लिए आध्यात्मिक शिक्षा” अभियान सराहनीय है। इस अभियान को व्यक्तिगत परिवर्तन से शुरू होकर सामाजिक और वैश्विक सुधार तक पहुँचने के एक प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने हरियाणा के हिसार स्थित ब्रह्माकुमारी संगठन की स्वर्ण जयंती समारोह में इस अभियान का श्रीगणेश करते हुए ठीक ही कहा कि आध्यात्मिकता पर आधारित सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक,…
होलिका दहन : ऐसे रीसेट होता है मस्तिष्क का लिम्बिक सिस्टम
होलिका दहन और होली की पौराणिक कथाएं तो हम सब जानते हैं। पर, आध्यात्मिक नजरिए से होलिका दहन आंतरिक अज्ञानता को जलाने का प्रतीक है। यानी बुरी आदतों का परित्याग और सकारात्मक बदलावों की ओर अग्रसर होना। पूर्व के कुछ काल-खंडों में ऐसी परंपरा रही है कि लोग होलिका दहन को क्रोध, ईर्ष्या, चिंता, आलस्य, व्यसन आदि को होलिका की आग में जलाने का संकल्प लेते थे। आत्म-शुद्धि के लिए इसे जरूरी माना जाता था। योगशास्त्र में ऐसे परिणाम लेने के लिए अलग उपाय बतलाए गए हैं। वैज्ञानिकों ने कोई उपाय तो नहीं बताए। परन्तु, साबित कर दिखाया कि ऐसे…
सतरंगी होली के गहरे आध्यात्मिक संदेश
रंग है, गुलाल है। मस्ती है, आनंद है। सतरंगी उत्सव है, उल्लास का महोत्सव है। तभी ब्रज की मस्ती भरी होली हो, महाराष्ट्र की मटकी होली हो या बरसाने की लट्ठमार होली, सभी का अंतर्निहित भाव एक है। वह है – आत्मा का परमात्मा से मिलन। इसे ही बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी देखा जा सकता है। शास्त्रों में उल्लेख है और संत-महात्मा अपने अनुभवों के आधार पर कहते रहे हैं कि सात्विक गुणों में अभिवृद्धि होती है तो अंतर्मन में प्रेम और श्रद्धा का दीपक जलता है। ऐसे मन में ही आनंद का आविर्भाव होता है और जीवन उत्सव बन…
क्या भगवान का अस्तित्व है? हार्वर्ड के वैज्ञानिक ने कहा, हां, भगवान है
क्या भगवान का अस्तित्व है? जिस देश को कभी सपेरों का देश कहा जाता था, वहां के लोग बिना देरी किए हां में उत्तर दे तो बात समझ में आती है। पर, इस बार बारी है हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ विली सून की। उन्होंने अपनी प्रयोगशाला में लंबे समय तक गणितीय आधार पर शोध किया और इस निष्कर्ष पर हैं कि भगवान का अस्तित्व है। वे कहते हैं कि ब्रह्मांड की संरचना और उसमें मौजूद संतुलन इतना सटीक है कि यह संयोग मात्र नहीं हो सकता। यह जागरूक बुद्धिमत्ता से किया गया डिज़ाइन प्रतीत होता है।डॉ सून का यह…
एशियाई योगासन चैंपियनशिप दिल्ली में
नई दिल्ली में आयोजित द्वितीय एशियाई योगासन चैंपियनशिप में 16 देश भाग लेंगे। यह आयोजन इंदिरा गांधी स्टेडियम में 29 से 31 मार्च तक होना है।केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय योगसासन खेल महासंघ से संबंद्ध योगसासन भारत के सहयोग से आयोजित चैंपियनशिप योगसासन का उद्देश्य योग की समृद्ध विरासत और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक प्रदान करना है। माना जा रहा है कि ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया, वर्ल्ड योगसासन, एशियन योगसासन और योगसासन इंद्रप्रस्थ द्वारा समर्थित यह आयोजन ओलंपिक पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने के लिए एक रोडमैप बनाने में भी मदद करेगा।केंद्रीय खेल मंत्री…
योगासन की लय, कैलोरी का क्षय
भारत में बढ़ता वजन एक महामारी बन चुका है। शारीरिक श्रम में कमी और खाद्य तेल के सेवन में अधिकता के कारण समस्या विकराल रुप धारण कर चुकी है। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इस स्थिति को आपातकाल कह सकते हैं। वैज्ञानिक शोधों से प्रमाणित हो चुका है कि खाद्य तेल के सेवन में कमी और नियमित योग साधना से कैलोरी जलती हैं, चयापचय बढ़ता है, और कोर्टिसोल कम होता है। इससे पेट की चर्बी कम होती है। मोटापे और इसके जोखिमों से निपटने में मदद मिलती है।द लैंसेट के एक ताजा अध्ययन के मुताबिक, सन् 2022 तक देश में कोई…
महाकुंभ में 8 लाख श्रद्धालुओं को आयुष का लाभ मिला
लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए, आयुष मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, जिससे महाकुंभ मेले के दौरान उनकी पवित्र यात्रा सुरक्षित और स्वस्थ रही।आयुष मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, 20 आयुष ओपीडी स्थापित करने से लेकर मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की तैनाती तक, 90 से अधिक डॉक्टर और 150 स्वास्थ्यकर्मी पूरे भव्य आध्यात्मिक आयोजन के दौरान निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए अथक प्रयास किया गया था। इन समर्पित प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि भक्त, कल्पवासी और संत बिना किसी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के पवित्र…
महाशिवरात्रि : आध्यात्मिक-शक्ति के जागरण का अनुष्ठान
योग की जितनी भी शाखाएं हैं, सबका आधार शिव-पार्वती संवाद ही है। विज्ञान भैरव तंत्र के मुताबिक इसी रात्रि को मानव जाति के कल्याण के लिए, आत्म-रूपांतरण के लिए शिव ने अपनी प्रथम शिष्या पार्वती को एक सौ बारह विधियां बताई थी, जो योग शास्त्र के आधार हैं। इसके बाद ही मत्स्येंद्रनाथ का प्रादुर्भाव हुआ। शिष्य गोरखनाथ और नाथ संप्रदाय ने योग का जनमानस के बीच प्रचार किया। इस तरह पाशुपत योग के रूप में हठयोग, राजयोग, भक्तियोग, कर्मयोग आदि से आमजन परिचित हुए। योग और अध्यात्म के आलोक में महाशिवरात्रि की समझ विकसित करना बड़े काम का होगा।महाशिवरात्रि का…
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